Operating System के Function और उसके प्रकार
Operating system क्या है
एक ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) एक computer और user के बीच एक इंटरफ़ेस या mediater के रूप मे काम करती है.
operating system एक सॉफ्टवेयर है जो File management, memory management, process management,
इनपुट और आउटपुट devices को handle करता है यह peripheral device जैसे डिस्क ड्राइव और printer को भी control करता है.
operating system का कुछ उदाहरण
लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम, विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम, VMS, OS / 400, AIX, z / OS, आदि operating सिस्टम हैं.
ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ function
मेमोरी Management
प्रोसेसर Management
डिवाइस Management
फाइल Management
सिक्युरिटी
कंप्युटर सिस्टम को कोन्टरोल करना
अलग सॉफ्टवेयर और user के बीच coordinate करना
1. मेमोरी Management
- ये main memory और secondary memory को मैनिज्मन्ट करता है ये छोटे bytes
का भी ध्यान रख उसे मेमोरी के adress पर मैनेज
कर के रखता है
- main memeory एक फ़ास्ट स्टोरेज देती है जिसे CPU के द्वारा सीधे और fast एक्सेस किया जाता है.
- main memory होने के कारन user किसी भी file या अन्य कार्य को जल्दी कर पता है .
- मेमोरी Management, primary मेमोरी का ट्रैक भी रखता है, जैसे मेमोरी का कौन सा part कौन और कितना उपयोग करेगा
- किस process को कब और कितना मेमोरी मिलेगी
2. प्रोसेसर Management
- operating system यह तय करता है कि किस प्रोसेस को करने के लिये कितना प्रोसेसर कब और कितने समय के लिए मेलेगा.
- इस फंक्शन को process scheduling कहते है.
3. डिवाइस Management
- यह डिवाइस कम्यूनिकेशन डिवाइस driver के मदद से आपस मे communicate करता है जैसे की हम printer को अपने कंप्युटर से कनेक्ट करते है तो
- इसके लिये हम device driver का मदद लेंगे जिसके द्वारा हमारा कंप्युटर और प्रिंटर communicate कर पाएगा
4. फाइल Management
- इस सिस्टम से हमारे फाइल के लिये directories या folder बनती है और हमारे फाइल उसी नाम से save होकर file मैनिज्मन्ट का काम है
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Operating system के प्रकार - types of operating system
1. Batch Operating System -
इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्युटर से सीधे रूप मे इनरैक्ट नहीं करता कोई भी कार्य को करने के लिये
क्युकी इसमे ऑपरेटर similar काम को छात या अलग कर लेता है एक बैच या bunch बना कर फिर उसी similar काम को पहले करता है
इसे काम आसानी और बहोत जल्दी हो जाती है.
2. Time-Sharing Operating Systems –
इस operating सिस्टम मे सभी task को time दे दिया जाता है इस से कोई भी task बहुत जल्दी और आसानी से हो जाता है
प्रत्येक user को CPU उसको समय देता है क्योंकि वे एक system ही उपयोग करते हैं.
और इस सिस्टम को multitasking सिस्टम के रूप में भी कहा जाता है.
एक task को पूरा कर लेने के बाद दूसरे task के लिये तयार हो जाता है
3. Distributed Operating System –
अभी के ऑपरेटिंग सिस्टम मे ये Distributed ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है
यह ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम है जो की data को को एक लोकैशन पर स्टोर कर के अलग अलग लोकैशन पर डिस्ट्रिब्यूट कर देते है
इस ऑपरेटिंग सिस्टम मे ज्यादा processor का इस्तेमाल किया जाता है task को अलग अलग location पर डिस्ट्रिब्यूट करने के लिये
4. Network Operating System –
यह ऑपरेटिंग सिस्टम सर्वर के मदद से चलता है इसका एक अलग सर्वर होता है
इस ऑपरेटिंग सिस्टम मे अलग अलग लोकल नेटवर्क एक ही सिस्टम से जोड़ा गया होता है
इस ऑपरेटिंग सिस्टम मे LAN यानि की लोकल area नेटवर्क के द्वारा हम किसी भी file, database, application आदि को local area network से शेयर किया जा सकता है.
5. Real-Time Operating System –
इस ऑपरेटिंग सिस्टम मे हम किसी भी काम को बहुत छोटे समय मे ही कर लेते है जो की किसी भी task को जल्दी करने मे मदद करता है
इस ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग हमलोग missile system को ऑपरैट करने, robot को ऑपरैट करने मे किया जाता है
यह किसी भी कार्य को बहुत कम समय मे करने के लिया होता है .
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