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Stress क्या है | टेंशन के लक्षण

 Stress क्या होती है

Stress का हिन्दी अर्थ है तनाव जो शारीरिक तकलीफ , भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक परेशानी ही तनाव का कारण रूप बनता है।
स्ट्रेस हमे किसी भी घटना या विचार के होने से आ सकता है जो आपको नर्वस, क्रोधित या निराश ही महसूस कराता है।

कुछ समय के लिये स्ट्रेस positive रिजल्ट देता है जब यही तनाव ज्यादा देर के लिये रह जाता है तो यह आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते है।

stress या तनाव के लक्षण


मूड में बदलाव होना
पसीने से हाथ का भीगना
सेक्स में कमी
दस्त होना
सोने में तकलीफ
कब्ज़ की शिकायत होना
चक्कर आ जाना
बेचैनी सी महसूस होना
बार-बार या हमेशा बीमार होना
दांत को पीसना
सिर मे दर्द
कमजोरी
मांसपेशियों में तनाव या दर्द, विशेष रूप से कंधों और गर्दन में
दिल की धड़कन तेज चलना

तनाव की पहचान कैसे करे

stress को पहचानना कभी कभी मुस्किल होता है कभी-कभी तनाव एक सही स्रोत से आते है, लेकिन कभी-कभी   यही तनाव ज्यादा काम करने से परिवार और दोस्तों से छोटे बड़े बातों को लेकर भी आपके मन और शरीर पर तनाव या सकते हैं।


हम कैसे जान सकते है की मुझे तनाव है


  Emotional signs कुछ मनोवैज्ञानिक तरह से हम तनाव का पता लगा सकते है
  जैसे कि ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, चिंता, चिंता और याद करने में कठिनाई
  गुस्सा होना, चिड़चिड़ापण, निराश होना जैसे भावनात्मक संकेत है

Physical signs जैसे की ब्लड pressure का बढ़ना, वजन का बढ़ना, सर्दी होना

Behavioral signs खुद का care नहीं करना, मन बहलाने के लिये समय नहीं निकाल पाना  




what is stress

stress के प्रकार 

 

Acute Stress

 ये तनाव का प्रकार है जो की बहोत ही काम समय के लिये ये तनाव होता है और ये तनाव आम जिंदगी मे हमारे साथ ही रहता है और ये हमे पता भी नहीं चलता है.

Chronic stress

ये भी एक प्रकार का तनाव है जो की काभी खत्म नहीं होता जैसे की किसी ना पसंद लड़की से शादी करके के जिंदगी भर तनाव मे रहना ये chronic stress के उदाहरण है

Eustress

 ये भी एक प्रकार का रोमांचक और मजेदार तनाव है जो की हमे सकारात्मक तरह के काम करने के लिये होती है जैसे कि जब आप कोई भी काम को समय सीमा मे पूरा करने के लिये अंदर से उटऐजित करता है  जैसे समय से पहले पूरा करने के लिए रेसिंग करते हैं।

हमारे जीवन मे तनाव के क्या असर होते है

तनाव रहने से हमे किसी भी काम को करने के लिये मन नहीं लगता हमेशा कुछ चिंता सताती रहती है जो किस हमारे जिंदगी मे negative impact देती है ज्यादा
 तनाव हमे रोगी बना देती जो की अलग अलग रोग पैदा कर देती है जैसे की मस्तिक रोग हिरदय रोग विशेष रूप से

तनाव से प्रभाव से क्या हो सकते है


Diabetes या मधुमेह
Hair loss या बाल गिरना
Heart disease या हिरदय की रोग
Hyperthyroidism
Obesity या सांस लेने मे तकलीफ
Sexual dysfunction
Tooth and gum disease या दांत की रोग
Ulcers या पेट की रोग

तनाव की इलाज कैसे करे या

मानसिक तनाव में क्या करना चाहिए

Stress की इलाज बहुत तरह से हो सकती है  CBT थेरपी के द्वारा mindfulness-based stress reduction (MBSR) की जांच कराई जाती है जिस से यह पता लगता है की मरीज किस तनाव मे है और फिर इलाज इस जांच के बाद किया जाता है
 

तनाव को कम करने के लिए गहरी सांस लेना एक अविश्वसनीय सरल उपाय है।  

"जब हमे थोरी भी चिंता महसूस हो  तो हमे सांस को अधिक से अधिक लेने का कोशिश करे

 गहरी सांस लेते समय कंधा, गर्दन को मोड़े जिस से आपको राहत महूस होगी और कुछ देर के लिये आराम मिल    सकता है
                                                                        


योग द्वारा चिंता का उपचार

 मेडिटेशन मतलब ध्यान को एक जगह केंद्रित करना आप ध्यान केंद्रित करने के लिये एक जगह पे आसन लगा  कर बैठे और बैठने के बाद कोशिश करे आँख बंद कर अपने ध्यान को एक जगह ही टीका कर रखने का कोशिश करे और कुछ देर तक ऐसे ही रहे और यही meditation आपको stress को कम करने मे मदद करता है


मीठा आवाज मे संगीत सुने 

 कुछ देर के लिये आप मीठा आवाज मे संगीत को सुने क्युकी धिरे या मीठा आवाज से आपके दिमाग मे कंपन  होगी जिस से हमारी मस्तिसक को शांति मिलती है  संगीत हमारे शरीर में हमारी भावनाओं पर इसका प्रभाव छोड़ देता है, मीठा संगीत आपके मस्तिसक को सतर्क और केंद्रित होने में मदद करता है,

धीमी संगीत आपके मस्तिष्क को आराम करने में मदद करता है जब हम संगीत सुनते हैं, तो हमारा शरीर न्यूरोकेमिकल डोपामाइन जारी करता है डोपामाइन को भी हैप्पी हिम्मन कहा जाता हैयह हमारे मूड को बेहतर बनाने के लिए काम करता है


राज मेहता मनोचिकित्सक का कहना है कि संगीत नकारात्मक विचारों को समाप्त करके सकारात्मक ऊर्जा को  प्रसारित करता है इसके साथ ही, तनाव को खत्म करने से जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता  है यह हमारे दिल और हमारे दिल में  एक सकारात्मक प्रभाव डालता है यह हमारे मानसिक शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है।

चिंता का मानव जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?

जब आप चिंता कीजिएगा तो आपका सारा किया हुआ काम बर्बाद हो  जाएगा जो काम को करने जाएंगे वो काम  हो ही नहीं पाएगा कभी भी
 और जब आपके पास कोई चिंता नहीं है किसी काम को लेकर के तो आप निश्चिंत रहिए और थोरा समय दीजिए  वो काम जरूर सफल होगा
 कोई भी चिंता के पल को आप हस्सी-खुशी मे रह कर सारे काम को बिना फल की चिंता करते हुए करते रहिए वो कार्य सफल जरूर होंगे

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